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Bihar Politics: पटना स्नातक सीट पर जेडीयू में घमासान, अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ खोला मोर्चा

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Alam Ki Khabar | Bihar News | Patna News | Samastipur News | Bihar Politics | पटना स्नातक विधान परिषद सीट पर अनंत सिंह ने नीरज कुमार के खिलाफ चुनावी विरोध का ऐलान किया, दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज।

पटना, 19 सितंबर 2026 | Alam Ki Khabar: बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट को लेकर जेडीयू के भीतर चल रहा पुराना विवाद अब सार्वजनिक राजनीतिक टकराव में बदलता दिखाई दे रहा है। मोकामा विधायक अनंत सिंह ने जेडीयू नेता नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर चुनावी मोर्चा लेने की घोषणा की है। अनंत सिंह ने कहा है कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए पूरी ताकत लगाएंगे और डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन में खड़े हैं। इस बीच दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।

अनंत सिंह का कहना है कि उनका विरोध जेडीयू से नहीं, बल्कि नीरज कुमार से है। उनका तर्क है कि विधान परिषद का यह चुनाव विधानसभा चुनाव की तरह पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं होता। इसी आधार पर वह अपने समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में काम करने को पार्टी विरोधी कदम नहीं मानते। इससे पहले भी अनंत सिंह डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन की घोषणा कर चुके हैं।

20 करोड़ की शर्त से लेकर आमने-सामने बहस की चुनौती

विवाद के बीच अनंत सिंह ने नीरज कुमार को कई तरह की सार्वजनिक चुनौतियां दी हैं। उन्होंने चुनावी नतीजे को लेकर 20 करोड़ रुपये की शर्त लगाने की बात कही है। इसके अलावा उन्होंने बजरंगबली के मंदिर के सामने आमने-सामने बैठकर बहस करने की चुनौती भी दी है।

अनंत सिंह ने यह भी दावा किया कि वह नीरज कुमार को चुनाव में हराने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने नीरज कुमार की जमानत को लेकर भी टिप्पणी की है। ये सभी बातें अनंत सिंह के सार्वजनिक बयानों के रूप में सामने आई हैं।

पुराने AK-47 मामले का मुद्दा फिर उठा

राजनीतिक विवाद के बीच वर्ष 2019 के AK-47 बरामदगी मामले का मुद्दा भी एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने उन्हें फंसाने के लिए उनके घर में AK-47 रखवाई और उन्हें जेल भेजने की साजिश की। उन्होंने दोनों नेताओं के नार्को टेस्ट की चुनौती भी दी है।

हालांकि, यह आरोप अनंत सिंह का दावा है। नीरज कुमार ने इसे खारिज करते हुए कहा है कि यदि अनंत सिंह के पास कोई प्रमाण है तो उन्हें अदालत का रुख करना चाहिए। इसलिए इस मामले में आरोप को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं, बल्कि दोनों नेताओं के बीच चल रहे आरोप-प्रत्यारोप के रूप में देखा जाना चाहिए।

AK-47 मामले में अदालत का फैसला क्या रहा था?

अनंत सिंह के पैतृक घर नदवां से AK-47 और अन्य हथियार बरामद होने के मामले में उन्हें निचली अदालत से सजा हुई थी। बाद में पटना हाईकोर्ट ने अगस्त 2024 में संबंधित Arms Act मामलों में उन्हें बरी कर दिया था।

वर्तमान राजनीतिक विवाद में इसी पुराने मामले को लेकर अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर आरोप लगाए हैं, जबकि नीरज कुमार ने आरोपों को प्रमाणित करने के लिए अदालत जाने की बात कही है।

नीरज कुमार ने भी दिया जवाब

अनंत सिंह के लगातार हमलों के बाद नीरज कुमार ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई प्रमाण है तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए। नीरज कुमार ने यह भी कहा कि वह पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने जनसमर्थन के आधार पर राजनीति करते हैं।

जमानत जब्त होने की चुनौती पर भी नीरज कुमार ने कहा कि उम्मीदवार बनने के बाद ही इस तरह के चुनावी दावों पर बात होगी। दोनों नेताओं के बयान सामने आने के बाद पटना स्नातक सीट को लेकर जेडीयू के भीतर मतभेद चर्चा का विषय बन गए हैं।

कहां से शुरू हुआ दोनों नेताओं का विवाद?

अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद कोई नया घटनाक्रम नहीं है। दोनों के बीच पहले भी कई मुद्दों को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी होती रही है। अब पटना स्नातक विधान परिषद सीट का चुनाव इस पुराने विवाद का नया केंद्र बन गया है।

अनंत सिंह डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन में मैदान में उतरने की बात कह रहे हैं, जबकि नीरज कुमार को जेडीयू की ओर से पटना स्नातक सीट के लिए उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। इससे चुनावी मुकाबले के साथ-साथ जेडीयू के अंदरूनी समीकरण भी चर्चा में आ गए हैं।

26 विधानसभा क्षेत्रों तक असर की चर्चा

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का दायरा कई विधानसभा क्षेत्रों तक फैला हुआ है। अनंत सिंह पहले अपने समर्थकों के डॉ. अनुज कुमार सिंह के साथ रहने का दावा कर चुके हैं। इससे यह विवाद केवल दो नेताओं की बयानबाजी तक सीमित न रहकर व्यापक चुनावी रणनीति से जुड़ा मुद्दा बन गया है।

आने वाले दिनों में पटना स्नातक सीट पर उम्मीदवारों की स्थिति और चुनावी रणनीति स्पष्ट होने के साथ इस राजनीतिक टकराव का अगला चरण सामने आ सकता है। फिलहाल अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच आरोप-प्रत्यारोप ने पटना स्नातक विधान परिषद चुनाव को बिहार की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना दिया है।

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